|  |  |  |  |  | |  | ƒVƒŠ[ƒYƒ‰ƒ“ƒLƒ“ƒO
 |
| ƒ‰ƒ“ƒLƒ“ƒO | ƒhƒ‰ƒCƒo[ | Rd. 1 | Rd. 2 | Rd. 3 | Rd. 4 | \Ÿ SS | Rd. 5 | Rd. 6 | Rd. 7 | Rd. 8 | ƒ|ƒCƒ“ƒg‡Œv |
|---|
| 1. | ‹´–{ Œ³ | 12 | -- | 10 | 12 | 12 | 7 | 12 | -- | | 65 | | 2. | ”ΗGŽ÷ | -- | 12 | 3 | 10 | -- | 12 | 10 | 12 | | 59 | | 3. | Œ‹é³F | 12 | -- | 10 | 7 | 12 | -- | 12 | 6 | | 59 | | 4. | “’ó’C–ç | 10 | 10 | 6 | 5 | -- | 2 | 8 | 4 | | 45 | | 5. | “¡ˆär•F | -- | 5 | 12 | 2 | 7 | 0 | 6 | 8 | | 40 | | 6. | ›Œ´@—D | 6 | 8 | 8 | 2 | -- | 2 | 7 | 5 | | 38 | | 7. | ‹î–ØF—L | -- | -- | 12 | -- | 7 | -- | 6 | 3 | | 28 | | 8. | ‘ò–ì^Œá | 7 | -- | -- | -- | 2 | 8 | 10 | -- | | 27 | | 9. | “’óŸ–ç | 10 | -- | 6 | -- | -- | -- | 8 | -- | | 24 | | 10. | X@‘å@ | -- | -- | -- | 4 | -- | 10 | -- | 7 | | 21 | | 11. | ›Œ´˜a”ü | -- | 6 | 8 | -- | -- | -- | 7 | -- | | 21 | | 12. | ‘O“c‹Ms | -- | -- | 7 | 3 | -- | -- | -- | 10 | | 20 | | 13. | ‘å‹´LŠî | -- | -- | -- | 8 | -- | 2 | -- | 2 | | 12 | | 14. | “VŠ}@_ | -- | -- | -- | 6 | -- | 6 | -- | -- | | 12 | | 15. | ¼–{ŽŒÈ | -- | 4 | -- | 2 | -- | 2 | -- | 2 | | 10 | | 16. | ‘¾“c‰p³ | 8 | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 10 | | 17. | ²“¡@Œ\ | 5 | -- | -- | -- | -- | -- | 5 | -- | | 10 | | 17. | ŠÔ–ì•q˜a | 5 | -- | -- | -- | -- | -- | 5 | -- | | 10 | | 19. | X@“O | -- | -- | -- | -- | 10 | -- | -- | -- | | 10 | | 19. | –Ê–ì@ˆê | -- | -- | -- | -- | 10 | -- | -- | -- | | 10 | | 21. | ‚³‚³‚«‚Ý‚¬‚Ó‚Ý | 4 | 3 | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 9 | | 22. | ’¼ˆä@_ | -- | 2 | 4 | -- | -- | -- | -- | 2 | | 8 | | 23. | “n•Óˆê’j | 8 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 8 | | 23. | ¼“‡Ms | -- | -- | -- | -- | 8 | -- | -- | -- | | 8 | | 23. | ‘ì‘ìŽi | -- | -- | -- | -- | 8 | -- | -- | -- | | 8 | | 23. | â–ì@Œ¤ | -- | -- | -- | -- | 8 | -- | -- | -- | | 8 | | 23. | …“c‹M”V | -- | -- | -- | -- | 8 | -- | -- | -- | | 8 | | 28. | ”Èì‰ëŽi | -- | -- | 5 | -- | 2 | -- | -- | -- | | 7 | | 28. | —é–Ø@‘ | -- | -- | 5 | -- | 2 | -- | -- | -- | | 7 | | 30. | ŽR“c–Îl | -- | 7 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 7 | | 31. | ²“¡³”ü | 7 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 7 | | 31. | –Ø‘ºŸ”V | -- | -- | 7 | -- | -- | -- | -- | -- | | 7 | | 33. | ‘å‘ò—I—C | 2 | 2 | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 6 | | 33. | ‘å‹´ˆí•v | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | 2 | 2 | | 6 |
| 35. | Ö“¡Œ«ŽŸ | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | | 6 | | 35. | •–ì«s | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | | 6 | | 37. | ¬ŽRªŒá | -- | 6 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 6 | | 37. | “ˆ“c”ü²Žq | -- | -- | -- | -- | 6 | -- | -- | -- | | 6 | | 37. | a“c—zG | -- | -- | -- | -- | 6 | -- | -- | -- | | 6 | | 37. | Îì®l | -- | -- | -- | -- | 6 | -- | -- | -- | | 6 | | 41. | ŒÃì’m–¤ | -- | -- | -- | -- | -- | 5 | -- | -- | | 5 | | 42. | “n•Ó—S“ñ | -- | -- | -- | -- | -- | 3 | -- | 2 | | 5 | | 43. | Ä“¡Žu•Û—¢ | -- | -- | -- | -- | 5 | -- | -- | -- | | 5 | | 43. | ˆÉ“¡•q˜a | -- | -- | -- | -- | 5 | -- | -- | -- | | 5 | | 45. | ‹´–{’B–í | -- | 2 | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 4 | | 45. | ŒÃ’J²_ | -- | -- | -- | 2 | -- | 2 | -- | -- | | 4 | | 45. | ‚̂Ԃ܂ñ | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 4 | | 45. | ™ŽR‰pË | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | 2 | | 4 | | 49. | –ö“c¬‹I | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 4 |
| 50. | ‘q“‡’¼“T | -- | -- | -- | 2 | 2 | -- | -- | -- | | 4 | | 50. | ˆÀ“cƒŽq | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 4 | | 52. | š àV@˜_ | -- | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | -- | | 4 | | 53. | …’J³Œá | 4 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 4 | | 53. | ’¼ˆä@—² | -- | -- | 4 | -- | -- | -- | -- | -- | | 4 | | 53. | ŽO‹{Œb—˜Žq@ | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | -- | -- | | 4 | | 53. | ’¬“cˆŸ–î@ | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | -- | -- | | 4 | | 53. | “cƒPŒ´Í‘ @ | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | -- | -- | | 4 | | 53. | ’Ë–{„“N | -- | -- | -- | -- | 4 | -- | -- | -- | | 4 | | 59. | ’|“c‘å‰î | 3 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 3 | | 59. | ‚“‡FK | 3 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 3 | | 59. | •½ˆä@² | -- | -- | 3 | -- | -- | -- | -- | -- | | 3 | | 59. | ŒÃˆäŒË—³ˆê | -- | -- | -- | -- | 3 | -- | -- | -- | | 3 | | 59. | ŒÃˆäŒËÊŽq | -- | -- | -- | -- | 3 | -- | -- | -- | | 3 | | 64. | ¬àV˜a‹v | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ΋´—´”V• | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ƒpƒ“ƒ_ƒ}ƒ“ƒCƒPƒ_ | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ˆ¢•”Œbˆê | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ‘å‹v•Û‹`’¼ | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ó‰ê”ü˜aŽq | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 64. | ‘å’ËN‹» | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | | 2 | | 64. | ‹g“c@m | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | | 2 | | 72. | ˆÉ“¡‘׎õ | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ‘º“c‹MŽu | 2 | -- | -- | -- | -- | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ŽÄ“c’¼Ž÷ | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ‚‹´@—ß | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ŽÄ“c’¼Ž÷ | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | –îˆø‘åŠw | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | “V‰H—C‘¾ | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ‚¦‚è‚Ú‚§ | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | -- | -- | | 2 | | 72. | ¬‘ò‚L | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | ŠÚ‰ª@•‘ | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | ‘Š”VŽR’qŠì | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | –ö“c¬‹I | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | •{‘ˆê | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | “¡‘ºãÄ‘¾ | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | Žç‰®²l | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 72. | “yˆäŒ’Ž¡ | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | - | | 2 | | 72. | ²“¡”Žº | -- | -- | -- | -- | -- | -- | 2 | -- | | 2 | | 88. | A–ì@—Û | -- | -- | -- | -- | 0 | -- | -- | -- | | 0 | | 88. | ˆ¢•”W‹v | -- | -- | -- | -- | 0 | -- | -- | -- | | 0 | (ŽQ‰Á89–¼)
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